
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए यह गर्व का क्षण है। नक्सल विरोधी अभियानों में अपनी सख्त कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और साहसिक फैसलों से पहचान बनाने वाले 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला को केंद्र सरकार ने एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में ग्रुप कमांडर के पद पर नियुक्त किया है। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजते हुए उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
NSG में ग्रुप कमांडर का पद पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के समकक्ष माना जाता है। यह नियुक्ति न केवल आईपीएस जितेंद्र शुक्ला के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ कैडर के लिए सम्मान की बात है। राज्य में उनके द्वारा किए गए कार्यों और विशेष रूप से नक्सल प्रभावित इलाकों में उनके योगदान को देखते हुए यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।
संवेदनशील जिलों में मजबूत पहचान
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला ने अपने सेवाकाल के दौरान कई चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम किया। वे सुकमा, राजनांदगांव, कोरबा और महासमुंद जैसे जिलों में एसपी रहे, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ नक्सल विरोधी अभियानों को नई धार दी। विशेष रूप से सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में उनके नेतृत्व में पुलिस ने कई सफल ऑपरेशन अंजाम दिए, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा और आम जनता में विश्वास मजबूत हुआ।
सेवा की शुरुआत से नेतृत्व तक का सफर
जितेंद्र शुक्ला 2 सितंबर 2013 को भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए और उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया। प्रशिक्षण अवधि के दौरान उन्होंने बिलासपुर और कोटा थाने में थाना प्रभारी के रूप में काम कर जमीनी अनुभव प्राप्त किया। इसके बाद वे अंबिकापुर में सीएसपी बनाए गए और फिर सुकमा जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई। सुकमा में ही आगे चलकर वे पुलिस अधीक्षक बने और जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।
साधारण पृष्ठभूमि, असाधारण सफलता
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला का जन्म 22 सितंबर 1983 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा राजकीय इंटर कॉलेज से पूरी की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और कठिन परिश्रम के बल पर आईपीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर देश सेवा के मार्ग पर आगे बढ़े।
छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का पल
NSG जैसी विशिष्ट और प्रतिष्ठित इकाई में ग्रुप कमांडर के रूप में नियुक्ति यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार को उनके अनुभव, नेतृत्व और क्षमता पर पूरा भरोसा है। छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी का इस स्तर पर चयन होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। उम्मीद की जा रही है कि आईपीएस जितेंद्र शुक्ला NSG में भी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से देश की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेंगे।
यह नियुक्ति उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी के साथ देश सेवा का सपना देखते हैं।




















