
कोरबा, 29 दिसंबर
दीपका स्थित द्रोणाचार्य इंडोर स्टेडियम में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) यूनिट बिलासपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतर-इकाई बैडमिंटन एवं योगा प्रतियोगिता का सोमवार को भव्य और उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। इस खेल महोत्सव का उद्घाटन दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री संजय मिश्रा ने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम CISF के उपमहानिरीक्षक (DIG) श्री निर्विकार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जबकि वरिष्ठ कमांडेंट श्री नागेंद्र कुमार झा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की विभिन्न CISF इकाइयों से आए पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया। समारोह के बाद महाप्रबंधक संजय मिश्रा और DIG श्री निर्विकार ने स्वयं बैडमिंटन खेलकर प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह और आत्मविश्वास दोगुना हो गया।

अपने संबोधन में महाप्रबंधक संजय मिश्रा ने कहा कि CISF द्वारा आयोजित इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को निखारती हैं, बल्कि उनमें अनुशासन, समर्पण और टीम भावना को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रतियोगिता से उभरकर आने वाले खिलाड़ी भविष्य में संगठन का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
वहीं DIG श्री निर्विकार ने कहा कि खेल शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक मजबूती का भी महत्वपूर्ण साधन हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया और कहा कि योगा जैसी विधाएं CISF जवानों के जीवन में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा लाने का कार्य करती हैं।
इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में CISF की विभिन्न इकाइयों के कुल 23 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता 29 से 31 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी, जिसमें बैडमिंटन के सिंगल, डबल और मिक्स्ड डबल मुकाबले खेले जाएंगे। प्रतियोगिता को तीन आयु वर्ग—45 वर्ष से कम, 45 से 50 वर्ष तथा 50 वर्ष से अधिक—में विभाजित किया गया है, ताकि सभी आयु वर्ग के खिलाड़ी समान अवसर के साथ भाग ले सकें।
प्रतियोगिता में कोरबा, गेवरा, खंडवा और भिलाई इकाइयों के खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर अनुशासन, खेल भावना और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यह प्रतियोगिता न केवल खेलों को बढ़ावा देगी, बल्कि CISF जवानों के बीच आपसी सौहार्द और एकता को भी और मजबूत करेगी।




















