
बालोद, 29 दिसम्बर 2025।
बालोद जिले में विकास को नई दिशा देने और प्रकृति के संरक्षण के साथ आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाया है। तेज-तर्रार एवं कार्यकुशल कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के स्पष्ट निर्देश और सशक्त नेतृत्व में जिले के गुरूर विकासखण्ड अंतर्गत नारागांव में इको-टूरिज्म का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। इस पहल से न केवल जिले की प्राकृतिक सुंदरता को पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की प्राकृतिक वादियों, जल स्रोतों और धार्मिक स्थलों की पर्यटन क्षमता को पहचानते हुए सिया देवी मंदिर के समीप स्थित मनोरम झील को इको-टूरिज्म केन्द्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। उनके निर्देशानुसार यहाँ एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर की स्थापना की जा रही है, जो जिले में पर्यटन के क्षेत्र में एक नई शुरुआत साबित होगी।
इस परियोजना का मूल उद्देश्य सतत पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले। नारागांव में स्थापित किए जा रहे एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर में स्थानीय सामग्री एवं पारंपरिक कौशल से निर्मित बाँस की राफ्ट का उपयोग किया जाएगा। इन राफ्टों का सफल परीक्षण पहले ही किया जा चुका है, जिससे यह स्पष्ट है कि परियोजना पूरी तरह सुरक्षित, व्यवहारिक और पर्यावरण-अनुकूल है।

पर्यटकों के लिए यहाँ राफ्टिंग, कैंपिंग, बोनफायर तथा स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उन्हें प्रकृति और संस्कृति का समन्वित अनुभव प्राप्त होगा। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की सोच के अनुरूप यह स्थल केवल पर्यटन केन्द्र नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनेगा।
भविष्य की योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में इको-कॉटेज, सूर्योदय-सूर्यास्त व्यू प्वाइंट, एवं आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा, जिससे नारागांव एक पूर्ण विकसित इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।
उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया, जिसके पश्चात इसे अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई। सभी तैयारियाँ लगभग पूर्ण हो चुकी हैं और नारागांव स्थित एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का शुभारंभ नए वर्ष से किया जाएगा।
कुल मिलाकर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई यह पहल बालोद जिले में तेज निर्णय, प्रभावी क्रियान्वयन और विकास-उन्मुख प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह प्रयास इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा और बालोद जिले को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।




















