
बालोद, 26 दिसम्बर 2025।
बालोद जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘मिशन गोद’ अभियान अत्यंत महत्वाकांक्षी, नवाचारी और प्रभावी पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। इस जनकल्याणकारी अभियान के माध्यम से जिले में गंभीर कुपोषण की समस्या से जूझ रहे बच्चों को न केवल पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया गया, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और निगरानी सुनिश्चित कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने की दिशा में ठोस कार्य किया गया है। जिलेवासियों के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक 20.80 प्रतिशत गंभीर कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाई जा चुकी है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
बालोद जिला प्रशासन द्वारा यह अभियान 10 सितंबर से 10 दिसंबर 2025 तक तीन माह की अवधि के लिए संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत जिले के गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनके पोषण, स्वास्थ्य एवं समुचित देखभाल की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, समाजसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों को सौंपी गई। इस अभिनव पहल ने समाज के हर वर्ग को कुपोषण के खिलाफ इस लड़ाई से जोड़ा और इसे एक सशक्त जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।

मिशन गोद अभियान में क्षेत्रीय सांसद, जिले के तीनों विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी बच्चों को गोद लेने की जिम्मेदारी दी गई। अभियान के तहत गोद लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन एवं आवश्यक खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु न्यूनतम 500 रुपये की राशि जमा की गई। इसके परिणामस्वरूप जिले में 4 लाख 48 हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त पोषण राशि एकत्रित की गई।
आंकड़ों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों द्वारा 300 गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया, जिनमें से 53 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं। इसी प्रकार जिला प्रशासन के अधिकारियों ने 184 बच्चों को गोद लिया, जिनमें से 51 बच्चे अब स्वस्थ श्रेणी में शामिल हो गए हैं। वहीं जनसामान्य द्वारा गोद लिए गए 180 बच्चों में से 36 बच्चे कुपोषण से मुक्त होकर सामान्य स्थिति में पहुंच चुके हैं। बच्चों की नियमित निगरानी, संतुलित आहार और देखभाल से जिले में गंभीर कुपोषण के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मिशन गोद अभियान की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे देश और जिले के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, समाजसेवियों एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
मिशन गोद अभियान ने यह सिद्ध कर दिया है कि सामूहिक प्रयास, संवेदनशील सोच और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति से कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।




















