
चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस प्रशासन की तत्परता से टूटा अपराध का घमंड
कोरबा/कटघोरा | 24 दिसंबर 2025
कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम कटोरी नगोई में राजनीति और ठेकेदारी रंजिश के चलते ठेकेदार अक्षय गर्ग की नृशंस हत्या ने पूरे क्षेत्र को दहला कर रख दिया। इस सनसनीखेज हत्याकांड में जहां अपराधियों ने धारदार हथियारों से निर्ममता की सारी हदें पार कर दीं, वहीं कोरबा पुलिस ने अपनी तेज़, सटीक और प्रोफेशनल कार्रवाई से महज 7 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर कानून के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी जय गर्ग, पिता स्व. प्रदीप गर्ग, निवासी वार्ड क्रमांक 3 कटघोरा ने थाना कटघोरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके बड़े भाई अक्षय गर्ग (50 वर्ष), जो ठेकेदारी का कार्य करते थे, 23 दिसंबर की शाम अपनी इनोवा कार (क्रमांक JH 05 DK 2244) से ग्राम कटोरी नगोई स्थित कार्यस्थल पहुंचे थे। रात करीब 9:30 बजे वे कैंप के पास मजदूरों से कार्य को लेकर चर्चा कर रहे थे, तभी एक चार पहिया वाहन से पहुंचे तीन हमलावरों ने लोहे की टंगिया और चापड़ से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अक्षय गर्ग को तत्काल हरिकृष्ण अस्पताल कटघोरा ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा थाना पुलिस ने मर्ग क्रमांक 162/2025 धारा 194 बीएनएसएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्य, संदिग्ध वाहनों की जांच, साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम की मदद से पुलिस ने तेज़ी से सुराग जोड़ते हुए इस जघन्य अपराध की परतें खोल दीं।
पुलिस ने तीन आरोपियों—मिर्जा मुस्ताक अहमद (27 वर्ष) निवासी ग्राम मलदा, विश्वजीत ओग्रे (21 वर्ष) निवासी सिघिया कोरबी और गुलशन दास (26 वर्ष) निवासी ग्राम मलदा—को गिरफ्तार किया, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि ठेकेदारी कार्य में वर्चस्व और व्यक्तिगत रंजिश के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार, चार पहिया वाहन, मोबाइल फोन, जले हुए कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक पहुंचकर ही दम लेते हैं।
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की निष्पक्ष और सख्त कार्यशैली, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर की रणनीतिक निगरानी, कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी के नेतृत्व, एसआई राजेन्द्र प्रताप सिंह सहित पुलिस टीम, साइबर सेल और फॉरेंसिक यूनिट की सराहनीय भूमिका रही।

घटना से क्षेत्र में भले ही आक्रोश और शोक का माहौल है, लेकिन पुलिस प्रशासन की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अपराध चाहे जितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के सामने टिक नहीं सकता।




















