
कटघोरा।
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कटघोरा में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कराने के लिए बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों और बाहरी तत्वों की कथित मिलीभगत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नियम-कानून को ताक पर रखते हुए कॉलोनी में स्थापित सार्वजनिक ट्रांसफार्मर को बिना किसी आदेश, अनुमति या सूचना के काटकर हटा दिया गया और उसे मंदिर जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थल के पास स्थापित कर दिया गया। इस कृत्य से न केवल क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई, बल्कि श्रद्धालुओं और बच्चों की जान को भी सीधा खतरा उत्पन्न हो गया है।

कॉलोनीवासियों द्वारा एसडीएम कटघोरा को सौंपे गए सामूहिक आवेदन में गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में वर्षों से दो ट्रांसफार्मर स्थापित थे, जिनसे सैकड़ों परिवारों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति होती थी। हाल ही में बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ में बाहरी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक ट्रांसफार्मर को जानबूझकर हटवा दिया, ताकि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा सके।
आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि ट्रांसफार्मर हटते ही कब्जाधारी व्यक्ति द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध रूप से घर निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। यह पूरी प्रक्रिया न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह दर्शाती है कि विभागीय संरक्षण के बिना ऐसा दुस्साहस संभव नहीं था। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यह पूरा खेल बिजली विभाग की खुली मिलीभगत और भ्रष्टाचार का परिणाम है।
स्थिति तब और भयावह हो गई जब हटाए गए ट्रांसफार्मर को मंदिर परिसर के पास स्थापित कर दिया गया। यह स्थान सार्वजनिक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और छोटे बच्चे आते-जाते हैं। खुले तारों और भारी विद्युत उपकरणों के साथ ट्रांसफार्मर लगाना किसी भी समय जानलेवा हादसे को न्योता दे सकता है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि यदि कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और विभाग की होगी।

इस अवैध कार्रवाई से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। वोल्टेज की समस्या, बार-बार बिजली गुल होना और उपकरणों के खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि उनकी मूलभूत सुविधा को छीनकर निजी लाभ के लिए सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग किया गया है।
कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, शासकीय भूमि पर कब्जा करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध राजस्व एवं पुलिस कार्रवाई की जाए, तथा इस घोटाले में शामिल बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही पूर्व स्थान पर ट्रांसफार्मर को शीघ्र पुनः स्थापित किया जाए, मंदिर परिसर से ट्रांसफार्मर को तत्काल हटाकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और शासकीय भूमि पर चल रहे अवैध निर्माण को तुरंत रोककर ध्वस्त किया जाए।
सामूहिक आवेदन के साथ कॉलोनीवासियों ने ट्रांसफार्मर हटाए जाने और अवैध निर्माण कार्य के फोटोग्राफ भी प्रमाण के रूप में संलग्न किए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस खुलेआम हो रहे जनहित के खिलवाड़ पर कब तक चुप्पी साधे रहता है या दोषियों पर सख़्त कार्रवाई कर जनता को न्याय दिलाता है।





















