
रायपुर, 18 नवंबर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की रजत यात्रा में अहम भूमिका निभाने वाले तीन प्रमुख जनप्रतिनिधियों—श्रीमती रजनी ताई उपासने, श्री बनवारी लाल अग्रवाल और श्री राधेश्याम शुक्ल—का भावपूर्ण स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तीनों महान विभूतियों ने अपने कार्यकाल में जनसेवा, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक प्रतिबद्धता की मिसाल पेश की है। उनका निधन प्रदेश की अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री साय ने सबसे पहले रायपुर की पहली महिला विधायक श्रीमती रजनी ताई उपासने को याद किया। उन्होंने कहा कि रजनी ताई का व्यक्तित्व राजनीतिक जागरूकता, सामाजिक समर्पण और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक था। वे सदैव आम जनता, विशेषकर महिलाओं और वंचित वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहीं। उनका प्रेरणादायी जीवन और संघर्षशीलता प्रदेश की राजनीति में हमेशा याद रखी जाएगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने श्री बनवारी लाल अग्रवाल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे दो बार के विधायक और विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे। उनका संपूर्ण जीवन जनसेवा के कार्यों को समर्पित था। अग्रवाल जी की संगठन क्षमता, सरल स्वभाव और समाज के प्रति निष्ठा उन्हें विशिष्ट बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका योगदान प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपरा के लिए महत्त्वपूर्ण रहा है और उनकी कार्यशैली आने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।
मुख्यमंत्री साय ने श्री राधेश्याम शुक्ल की अनुशासित एवं कर्मनिष्ठ छवि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शुक्ल जी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाले, विनम्र और सिद्धांतनिष्ठ नेता थे। उनका पूरा जीवन लोकहित, पारदर्शिता और जनकल्याण के आदर्शों को समर्पित रहा। उनके निधन से प्रदेश ने एक प्रतिबद्ध एवं जनप्रिय नेता को खो दिया है।
मुख्यमंत्री ने तीनों दिवंगत नेताओं की आत्मा की शांति और उनके परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की रजत यात्रा में इन महान नेताओं का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उनके आदर्श प्रदेश को मार्गदर्शन देते रहेंगे।




















