
बालोद, 28 अक्टूबर 2025।
बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से एग्रीस्टैक पोर्टल में शेष किसानों के पंजीयन का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी सहकारी समितियों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रह जाए।
इन शिविरों में विशेष रूप से ऐसे किसान शामिल किए जा रहे हैं जो खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकृत तो हैं, लेकिन अभी तक एग्रीस्टैक पोर्टल में उनका पंजीयन नहीं हो सका है। इसके अलावा जिन किसानों की व्यक्तिगत जानकारी अपूर्ण है, उनके विवरण को भी शिविरों में अद्यतन किया जा रहा है, ताकि पोर्टल पर सभी डेटा सटीक और संपूर्ण रूप से दर्ज हो सके।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य में राजस्व, सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों का सटीक पंजीयन होने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि प्रत्येक किसान को उसके वास्तविक रकबे के आधार पर धान खरीदी योजना का लाभ मिले, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शिविरों के दौरान समितियों में राजस्व अधिकारियों द्वारा निरीक्षण भी किया जा रहा है। मौके पर उपस्थित किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल के महत्व, प्रक्रिया और इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि यह पोर्टल किसानों की भूमि, फसल और लाभ योजनाओं की सटीक जानकारी को जोड़ने का माध्यम है, जिससे सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसान तक पहुंचेगा।
एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से पंजीयन की यह प्रक्रिया किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करती है, जिसके जरिए उनकी कृषि भूमि, फसल उत्पादन और सरकारी सहायता की पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर दर्ज की जा सकेगी। इससे न केवल योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी पंजीकरण और अपात्र लाभार्थियों पर भी रोक लगेगी।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रत्येक समिति में जाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी किसान पंजीयन से छूट न जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसान न केवल सहकारी समितियों में, बल्कि ग्राहक सेवा केंद्रों (CSC) में जाकर भी अपना पंजीयन कर सकते हैं।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान को लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। किसानों ने इस पहल को सरकार की कृषि हितैषी नीति बताते हुए कहा है कि इससे उन्हें खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और अपने अधिकारों की सुरक्षा दोनों मिलेंगी।
कलेक्टर मिश्रा ने सभी विभागीय अधिकारियों को शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग करने, ग्रामीणों को जागरूक करने और अभियान को पूर्ण सफलता तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
यह व्यापक अभियान बालोद जिले के किसानों के लिए डिजिटल कृषि सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।




















