
कोरबा जिले में भक्ति और एकता के अद्भुत संगम का प्रतीक बनने जा रहा है “राम नाम लेखन महायज्ञ” अभियान। रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर बुधवारी में आयोजित राम नाम लेखन महायज्ञ समिति की पहली विशाल बैठक में जिलेभर से 368 राम भक्तों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत बालको की भजन टोली के मधुर भजनों से हुई, जिससे संपूर्ण वातावरण राममय और भक्तिभाव से परिपूर्ण हो गया।
बैठक में प्रमुख अतिथि नगर संघचालक अशोक तिवारी ने राम नाम लेखन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अभियान समाज में भक्ति, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देगा। उन्होंने कहा कि “राम नाम लेखन” न केवल एक धार्मिक कार्य है, बल्कि यह आत्मशुद्धि और सामूहिक जागरण का माध्यम भी है।
बैठक में डॉ. विशाल उपाध्याय ने रामसिंह अग्रवाल को जिला अध्यक्ष और योगेश जैन को संयोजक घोषित किया, जिसका उपस्थित भक्तों ने तालियों की गूंज के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर सह विभाग संघचालक किशोर बुटोलिया ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि नवंबर में गृह सम्पर्क अभियान चलेगा, जिसके दौरान अक्षत के साथ निमंत्रण दिया जाएगा।

1 से 17 दिसंबर तक प्रत्येक परिवार को राम नाम लेखन की पुस्तिकाएं वितरित की जाएंगी। इसके बाद 18 से 24 दिसंबर तक जिलेभर में राम नाम लेखन का कार्य चलेगा। 25 दिसंबर को सभी ग्रामों और बस्तियों में “राम खिचड़ी प्रसाद वितरण” का आयोजन होगा, जबकि 28 दिसंबर को कोरबा में सामूहिक समर्पण कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न होगा।
समिति ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि जिले के कम से कम 1 लाख परिवार इस अभियान में जुड़ें और प्रत्येक परिवार तीन पत्रिकाएं भरें। इससे तीन अरब तैंतीस करोड़ राम नाम लेखन का ऐतिहासिक लक्ष्य पूरा किया जाएगा। प्रत्येक पत्रिका का शुल्क केवल पांच रुपये रखा गया है, ताकि हर घर की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
जिला अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल ने सभी परिवारों से इस अभियान में जुड़ने की अपील करते हुए कहा —
“कोई घर न छूटे, कोई राम भक्त लेखन से न छूटे।
मैं सर्वाधिक राम नाम लेखन करूंगा, मेरा परिवार सर्वाधिक राम नाम लेखन करेगा।”
बैठक में जिला कार्यकारिणी, उपनगर संयोजक एवं विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया। श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे इस अभियान को सफल बनाकर कोरबा जिले को “राम नाम लेखन का केंद्र” बनाएंगे।
अंत में उपस्थित सभी भक्तों ने सामूहिक रूप से “जय श्रीराम” के जयघोष के साथ अपने संकल्प को दोहराया, जिससे पूरा परिसर राम नाम की गूंज से गूंज उठा।




















