
कोरबा, 24 अक्टूबर 2025।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आज विकासखंड कोरबा के ग्राम कटबिटला में एक भव्य किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी देना था, ताकि वे कृषि उत्पादन में वृद्धि कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
इस अवसर पर कृषि विभाग के साथ-साथ उद्यानिकी, पशु चिकित्सा तथा मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने किसानों को विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विशेषज्ञों ने खेत की मिट्टी की जांच, जैविक खाद के उपयोग, फसल चक्र, सब्जी उत्पादन, पशुपालन, और मछली पालन की आधुनिक तकनीकों पर उपयोगी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान आगामी अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 को ध्यान में रखते हुए महिला किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें सब्जी बीज पैकेट वितरित किए गए और पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिला कृषकों को सशक्त बनाना और उन्हें कृषि के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।

संगोष्ठी में मुख्य अतिथि श्रीमती सुष्मिता कमलेश अनंत, सभापति कृषि स्थायी समिति, ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ लें, जैविक खेती की ओर बढ़ें और नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाएं।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती संतोषी धीवर, उप सरपंच कटबिटला, ने कहा कि किसानों की मेहनत ही हमारे राज्य की रीढ़ है। महिला किसानों का योगदान भी अब पुरुष किसानों के बराबर है, इसलिए उन्हें विशेष सम्मान और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में श्री विजय कंवर एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे और किसानों को प्रोत्साहित किया। वहीं श्रीमती सीमा गौतम नायक, अनुविभागीय अधिकारी कृषि, श्री जी.एस. मरकाम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, तथा श्री कुलदीप रात्रे, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कोरबा, ने उपस्थित किसानों को फसलों की वैज्ञानिक पद्धतियों और जलवायु आधारित खेती के लाभों की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं — जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कृषि विकास योजना, आत्मानंद कृषि उपकरण योजना, और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना — किसानों को आर्थिक मजबूती देने में सहायक हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, महिला समूह और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर उत्साह और ऊर्जा का माहौल रहा। किसानों ने भी विभागीय प्रदर्शनियों में गहरी रुचि दिखाई और अधिकारियों से अपने सवाल पूछे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी किसानों ने रजत जयंती वर्ष में प्रदेश की उन्नति और कृषि समृद्धि की कामना की।
“कृषि ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की आधारशिला है — किसानों को सशक्त करना ही सच्ची रजत जयंती की भावना है।”



















