
मुंबई। भारत का सबसे लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल ने अपने नए सीज़न की शुरुआत ‘यादों की प्लेलिस्ट’ थीम के साथ की है। इस थीम के तहत 90 के दशक की यादगार धुनों को नई पीढ़ी के सामने पेश किया जा रहा है। इसी खास मौके पर प्रतियोगी सुहैल ने अपने दादा, मशहूर संगीतकार चंद्र लाल सांगी को समर्पित एक भावुक परफॉर्मेंस दिया, जिसे दर्शक और जज दोनों ने बेहद सराहा।
सुहैल के दादा चंद्र लाल सांगी रागिनियों के लिए जाने जाते थे और अपने गांव में एक सम्मानित नाम थे। उनके योगदान को देखते हुए उनके नाम पर स्कूल और अस्पताल भी बनाए गए हैं। सुहैल ने बताया कि बचपन से ही उन्होंने अपने दादा के संगीत में बड़ा लगाव महसूस किया है और उनका सपना है कि वे इस संगीत परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।
शो में जब बादशाह ने पूछा कि वह अपनी दादा की परंपरा को कैसे आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो सुहैल ने बताया कि वे खुद रैप लिखते हैं और उन्होंने पारंपरिक रागिनी और आधुनिक हिप-हॉप रैप को मिलाकर एक अनोखा प्रदर्शन पेश किया। इस मिश्रित शैली को जज श्रेया घोष ने प्यार से “रैपगिनी” कहा।
सुहैल का यह परफॉर्मेंस न केवल उनके व्यक्तिगत भावनाओं का आईना था, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे पारंपरिक संगीत और आधुनिक अंदाज़ एक साथ चल सकते हैं। बादशाह ने भी उनके प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह एक नई दिशा है, जो युवा कलाकारों को पुरानी विरासत और नए संगीत के मेल का महत्व समझाती है।
दर्शकों ने भी सोशल मीडिया पर सुहैल के इस अनूठे प्रयोग की तारीफ की और कहा कि यह सिर्फ संगीत का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक संस्कृति और परिवार की विरासत का सम्मान था।
इस परफॉर्मेंस के दौरान सुहैल ने हारमोनियम पर रैप और रागिनी का मेल प्रस्तुत किया, जो सुनने में जितना मनोरंजक था, उतना ही भावुक भी। यह प्रदर्शित करता है कि संगीत सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यादों और भावनाओं को संजोने का माध्यम भी है।
इंडियन आइडल का यह सीज़न ‘यादों की प्लेलिस्ट’ के साथ दर्शकों को 90 के दशक की अमर धुनों की याद दिला रहा है, और सुहैल का यह परफॉर्मेंस इस बात का सजीव उदाहरण है कि नई पीढ़ी किस तरह पुराने संगीत और आधुनिक संगीत को जोड़कर नई पहचान बना सकती है।




















