
कोरबा। राजनीति में ऐसे बहुत कम चेहरे होते हैं जो जनता के दिलों में भरोसे, समर्पण और अपनेपन की जगह बना पाते हैं। डॉ. पवन सिंह, जिला पंचायत कोरबा के अध्यक्ष, आज उन्हीं चंद नामों में से एक हैं, जो न केवल संगठन में अपनी निष्ठा और कार्यकुशलता से पहचान बना चुके हैं बल्कि जनता के दिलों में एक सच्चे सेवक की छवि गढ़ चुके हैं।
गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025, को उनका प्रवास कार्यक्रम जनभावनाओं का सागर बन गया। पहला कार्यक्रम ग्राम सलीहाभांठा में आयोजित जिला स्तरीय किसान मेले का था, जहां उन्होंने किसानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा — “किसान देश की रीढ़ हैं, उनकी खुशहाली ही मेरा धर्म है।” इस दौरान उनके सहज और विनम्र स्वभाव ने हर ग्रामीण का दिल जीत लिया। किसानों ने बताया कि डॉ. सिंह जैसे जनप्रतिनिधि गांव की धड़कन हैं जो हर सुख-दुःख में साथ खड़े रहते हैं।
दूसरा कार्यक्रम ग्राम बनखेत में दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुआ। मंच पर पहुंचते ही वातावरण तालियों से गूंज उठा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा — “संस्कृति हमारी आत्मा है, और परंपराएं हमारी ताकत।” डॉ. सिंह का भाषण न तो केवल राजनीतिक था, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भरा हुआ था। उन्होंने बच्चों, महिलाओं और युवाओं से सीधे संवाद किया, उनकी बातें सुनीं और समाधान का भरोसा दिया।
उनके व्यक्तित्व में सादगी, नेतृत्व में दृढ़ता, और निर्णयों में जनहित का भाव झलकता है। यही गुण उन्हें भाजपा के भीतर एक नए युग के युवा, संवेदनशील और प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित कर रहे हैं। जिले की जनता और कार्यकर्ता अब उन्हें विधानसभा की मुख्य दावेदारी के रूप में देखने लगे हैं।
जनता कहती है — “डॉ. पवन सिंह केवल नेता नहीं, हमारे अपने हैं।”
उनकी कार्यशैली, जनसंपर्क और विनम्र व्यवहार उन्हें न केवल कोरबा बल्कि प्रदेश की राजनीति का उभरता हुआ विश्वसनीय चेहरा बना रहे हैं।




















