
बालोद, 09 अक्टूबर 2025।
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में प्रधानमंत्री श्री स्कूल (पीएमश्री) योजना के तहत एक और कदम उठाया गया है। जिले के चयनित पीएमश्री शालाओं में विद्यार्थियों को योग एवं खेलों के माध्यम से शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अंशकालीन योग प्रशिक्षक, खेल शिक्षक एवं प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं।
इस संबंध में समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक ने जानकारी दी कि पीएमश्री योजना 2025-26 के अंतर्गत जिले की 13 चयनित पीएमश्री शालाओं के लिए प्रशिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों की जांच और पात्रता के आधार पर वरिष्ठता के अनुसार 1ः3 अनुपात में 39 अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार हेतु किया गया है।
साक्षात्कार का आयोजन 13 अक्टूबर 2025 (रविवार) को सुबह 11 बजे से बी.आर.सी.सी. भवन, आमापारा, बालोद में किया जाएगा। जिला मिशन समन्वयक ने सभी पात्र अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर अपने मूल दस्तावेजों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
उन्होंने बताया कि पीएमश्री योजना का उद्देश्य केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास को भी बढ़ावा देना है। इसी दिशा में योग और खेल गतिविधियों को नियमित पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है। योग प्रशिक्षक विद्यार्थियों को मानसिक संतुलन, एकाग्रता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएंगे, वहीं खेल प्रशिक्षक विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन का विकास करेंगे।
इस पहल से न केवल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में खेल और योग के प्रति नई ऊर्जा का संचार होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्वस्थ विद्यार्थी ही सशक्त भारत की नींव रख सकते हैं।
कार्यक्रम की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संचालित की जाएगी। चयनित प्रशिक्षकों को संबंधित पीएमश्री शालाओं में आवश्यकता अनुसार सेवाएं प्रदान करने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग ने बताया कि पीएमश्री योजना के अंतर्गत बालोद जिले में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, डिजिटल कक्षाएं, स्वच्छ परिसर और नवाचार आधारित शिक्षण प्रणाली को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे जिले की शालाएं उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बन सकें।




















